अयोध्या। जनपद में आम जनता को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) श्री कृष्ण कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वारा पिछली बैठक की अनुपालन आख्या प्रस्तुत की गई और विभागीय कार्यों की गहन समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सघन प्रवर्तन अभियान चलाया गया। इस अवधि में कुल 2,600 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया, जबकि 466 स्थानों पर छापेमारी की गई। निरीक्षण के दौरान 600 खाद्य नमूने संग्रहित किए गए, जिनकी जांच रिपोर्ट में 330 नमूने मानक के विपरीत पाए गए। अमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री के मामलों में 432 वाद न्यायालय में योजित किए गए, जिनमें से 325 मामलों का निस्तारण करते हुए ₹86.63 लाख का अर्थदंड अधिरोपित किया गया। इसके साथ ही एक गंभीर मामले में दोषी को 6 माह की सजा भी सुनाई गई।
वित्तीय वर्ष 2025-26 (नवंबर 2025 तक) की प्रगति की समीक्षा करते हुए सहायक आयुक्त (खाद्य) ने बताया कि इस अवधि में 1,581 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, 417 छापे और 522 खाद्य नमूनों का संग्रह किया गया। प्राप्त 272 जांच रिपोर्टों में 151 नमूने अमानक पाए गए। इस दौरान 168 वाद न्यायालय में दर्ज किए गए, जिनमें 205 मामलों का निस्तारण करते हुए ₹52.39 लाख का जुर्माना लगाया गया।
बैठक में जिले में जारी खाद्य लाइसेंस एवं पंजीकरण की स्थिति, न्यायालयों में लंबित मामलों की प्रभावी पैरवी तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की विभिन्न योजनाओं के तहत कराए गए कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। सहायक आयुक्त (खाद्य) ने जानकारी दी कि जनपद में वर्तमान में एक स्ट्रीट फूड हब संचालित है, जबकि दो अन्य स्ट्रीट फूड हब प्रक्रियाधीन हैं। इसके अतिरिक्त 35 खाद्य प्रतिष्ठानों का एक संस्था से अनुबंध कराया गया है, जो प्रयुक्त कुकिंग ऑयल को एकत्र कर बायोडीजल निर्माण के लिए भेजती है।
री-यूज कुकिंग ऑयल के दुरुपयोग पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए सीडीओ ने निर्देश दिए कि चौराहों, बाजारों और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं वाले क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने ‘रुको सर्विस एजेंसी’ एवं उसके प्रतिनिधि को अगली बैठक में बुलाने के भी निर्देश दिए। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि सभी होटल और खाद्य प्रतिष्ठानों में हाइजीनिक रेटिंग प्रमाण पत्र रिसेप्शन के साथ-साथ मुख्य द्वार पर भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए।
सीडीओ ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जिन खाद्य प्रतिष्ठानों की आरसी (रिकॉर्ड कंप्लायंस/रिन्यूअल) एक वर्ष से अधिक समय से लंबित है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र जमा कराया जाए। ऐसा न करने की स्थिति में संबंधित प्रतिष्ठानों का खाद्य लाइसेंस या पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा। इसके अलावा पिछले एक वर्ष में असुरक्षित खाद्य पदार्थ बेचते पाए गए प्रतिष्ठानों को बंद करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील’ के माध्यम से अस्पतालों, विद्यालयों एवं प्रमुख बाजार क्षेत्रों के आसपास खाद्य पदार्थों की नियमित जांच की जाएगी। मिठाई की दुकानों पर मूल्य सूची का अनिवार्य प्रदर्शन सुनिश्चित कराया जाएगा। मेडिकल स्टोरों में कोडीन कफ सिरप की सघन जांच तथा आक्सीटोसिन के दुरुपयोग को रोकने के लिए अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) के नेतृत्व में विशेष सचल टीम गठित की जाएगी।
आयुक्त के निर्देश पर क्रिसमस और नववर्ष के अवसर पर विशेष अभियान के तहत 22 और 23 दिसंबर 2025 को केक, क्रीम रोल और नॉन-डेयरी क्रीम के नमूने भी लिए गए। साथ ही ईट राइट कैंपस योजना के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्रों को चरणबद्ध तरीके से आच्छादित करने तथा सभी विद्यालयों को ईट राइट स्कूल प्रमाणन के लिए लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, औषधि निरीक्षक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, व्यापारिक व उपभोक्ता संगठनों के प्रतिनिधि तथा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे। अध्यक्ष की अनुमति से बैठक का समापन किया गया।