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गोमतीनगर की समिट बिल्डिंग में आधी रात छापेमारी; करोड़ों की साइबर ठगी, विदेशी कनेक्शन और डिजिटल नेटवर्क की जांच शुरू

लखनऊ पुलिस का अब तक का सबसे बड़ा साइबर स्ट्राइक: अंतरराष्ट्रीय ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़, 100 से अधिक लोग हिरासत में

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में साइबर अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए क्राइम ब्रांच ने एक कथित अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। गोमतीनगर स्थित समिट बिल्डिंग में संचालित एक संदिग्ध कॉल सेंटर पर देर रात की गई व्यापक छापेमारी के दौरान पुलिस ने 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जांच में इस नेटवर्क के तार देश के साथ-साथ विदेशों तक जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह संगठित गिरोह लंबे समय से फर्जी कॉल सेंटर के माध्यम से विदेशों के नागरिकों को तकनीकी सहायता, बैंकिंग सेवाओं, ऑनलाइन निवेश और अन्य डिजिटल सेवाओं के नाम पर झांसा देकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था। जांच एजेंसियों को संदेह है कि यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित किया जा रहा था और इसके संचालन में विदेशी संपर्कों की भी भूमिका हो सकती है।

यह कार्रवाई एडीसीपी क्राइम किरन यादव के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच और विभिन्न थानों की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा की गई। पुलिस ने देर रात समिट बिल्डिंग को चारों तरफ से घेरकर योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद संदिग्धों को हिरासत में लिया गया, जबकि मौके से कई महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस द्वारा जब्त किए गए उपकरणों में कंप्यूटर सिस्टम, लैपटॉप, मोबाइल फोन, सर्वर, हार्ड डिस्क, नेटवर्किंग डिवाइस और अन्य डिजिटल स्टोरेज उपकरण शामिल हैं। जांच एजेंसियां इन सभी उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर रही हैं, जिससे साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क और उसके संचालन तंत्र का खुलासा होने की उम्मीद है।

सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां गिरोह के मास्टरमाइंड, उनके विदेशी संपर्कों, बैंक खातों, डिजिटल वॉलेट, क्रिप्टोकरेंसी ट्रांजैक्शन और हवाला नेटवर्क के माध्यम से किए गए वित्तीय लेनदेन की भी गहन जांच कर रही हैं। इस कार्रवाई से देश और विदेश में फैले साइबर अपराध नेटवर्क के संबंध में कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि वर्ष 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी और एडीसीपी क्राइम किरन यादव के नेतृत्व में संचालित इस ऑपरेशन को लखनऊ पुलिस की हालिया सबसे बड़ी साइबर अपराध विरोधी कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध सिंडिकेट के कई महत्वपूर्ण पहलुओं का खुलासा हो सकता है।

फिलहाल पुलिस सभी हिरासत में लिए गए व्यक्तियों से पूछताछ कर रही है और पूरे नेटवर्क की परत-दर-परत जांच जारी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अन्य केंद्रीय और राज्य स्तरीय जांच एजेंसियों से भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी प्रेस वार्ता में पुलिस इस हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्यों और खुलासों को सार्वजनिक कर सकती है।

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