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महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट के खिलाफ सड़कों पर उतरी जनता, सुरक्षा बलों से झड़प; पैरामिलिट्री फोर्स का एक जवान भी मारा गया

ईरान में सरकार विरोधी विद्रोह हिंसक, ग्रामीण इलाकों तक फैला आंदोलन; 7 लोगों की मौत से हालात बेकाबू

ईरान में सरकार के खिलाफ भड़का जनाक्रोश अब हिंसक रूप ले चुका है। देश के कई हिस्सों में शुरू हुए विरोध प्रदर्शन राजधानी तेहरान से निकलकर अब ग्रामीण इलाकों तक फैल गए हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि हिंसा में अब तक कम से कम 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में आम नागरिकों के साथ-साथ ईरान की पैरामिलिट्री फोर्स का एक जवान भी शामिल है। बढ़ती हिंसा ने सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

बताया जा रहा है कि विरोध की शुरुआत ईरान की बदहाल अर्थव्यवस्था को लेकर हुई थी। महंगाई चरम पर है, बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और ईरानी मुद्रा रियाल की कीमत में भारी गिरावट दर्ज की गई है। रोजमर्रा की जरूरतों की चीजें आम लोगों की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं। इन्हीं मुद्दों को लेकर पहले छोटे स्तर पर प्रदर्शन शुरू हुए, लेकिन सरकार की सख्ती और जनता की अनदेखी के चलते आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया।

प्रदर्शनकारियों ने कई शहरों में सरकारी इमारतों, बैंकों और प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। कई जगहों पर आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं। हालात काबू में करने के लिए सुरक्षा बलों को तैनात किया गया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच तीखी झड़पें हुईं। इन्हीं झड़पों के दौरान एक पैरामिलिट्री जवान की मौत हो गई, जिससे तनाव और बढ़ गया है।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, हालिया हिंसा में मारे गए लोगों की संख्या 7 तक पहुंच चुकी है, हालांकि आशंका जताई जा रही है कि वास्तविक आंकड़ा इससे अधिक हो सकता है। कई प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं और बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया है। इंटरनेट सेवाओं पर भी कई इलाकों में पाबंदियां लगाई गई हैं ताकि विरोध प्रदर्शनों को फैलने से रोका जा सके।

प्रदर्शन अब केवल आर्थिक मांगों तक सीमित नहीं रहे हैं। कई जगहों पर सरकार विरोधी नारे लगाए जा रहे हैं और शासन प्रणाली में बदलाव की मांग भी सुनाई दे रही है। इससे साफ है कि जनता का गुस्सा गहराता जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में आंदोलन का फैलना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है, क्योंकि अब तक विरोध शहरी क्षेत्रों तक ही सीमित रहा था।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ईरान की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। मानवाधिकार संगठनों ने हिंसा पर चिंता जताते हुए ईरान सरकार से संयम बरतने की अपील की है। वहीं, कुछ पश्चिमी देशों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग पर चेतावनी भी दी है।

फिलहाल ईरान में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कही है, जबकि जनता अपनी मांगों पर अड़ी हुई है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि ईरानी सरकार इस संकट से कैसे निपटती है और क्या बातचीत के जरिए हालात को संभाला जा सकेगा या विरोध और हिंसा और तेज होगी।

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