पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में एक बार फिर हिंसा तेज हो गई है। बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने अलग-अलग इलाकों में किए गए हमलों में पाकिस्तानी सेना के 10 जवानों को मार गिराया है। बीएलएफ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ये हमले झाओ, बरखान, तुम्प और तुरबत जैसे संवेदनशील इलाकों में किए गए, जहां लंबे समय से सुरक्षा बलों और बलूच विद्रोही संगठनों के बीच टकराव जारी है।
बीएलएफ के मुताबिक, उसके लड़ाकों ने रणनीतिक योजना के तहत घात लगाकर हमले किए। इन हमलों में पैदल गश्ती दल, बम निरोधक इकाई (Bomb Disposal Unit) और एक सैन्य पिकअप वाहन को निशाना बनाया गया। संगठन का दावा है कि इन कार्रवाइयों में पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा है और कई जवान मौके पर ही मारे गए।
बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट ने यह भी कहा कि पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा एजेंसियां बलूच जनता पर कथित अत्याचार कर रही हैं, जिसके विरोध में यह सशस्त्र संघर्ष जारी है। संगठन का आरोप है कि सुरक्षा बलों द्वारा जबरन गुमशुदगी, सैन्य ऑपरेशन और संसाधनों के शोषण के खिलाफ बलूच लड़ाके जवाबी कार्रवाई कर रहे हैं।
हालांकि, पाकिस्तानी सेना या सरकार की ओर से अभी तक इस दावे पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। आमतौर पर ऐसे मामलों में पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियां या तो दावों को खारिज करती हैं या फिर नुकसान को कम करके बताती हैं। इससे पहले भी बलूच विद्रोही संगठनों और सेना के बीच हुई झड़पों को लेकर दोनों पक्षों के दावों में बड़ा अंतर देखा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बलूचिस्तान में बढ़ती हिंसा पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है। चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के चलते यह इलाका रणनीतिक रूप से बेहद अहम हो गया है, जिससे यहां सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी कर दी गई है। इसके बावजूद विद्रोही हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हाल के हमलों के बाद प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है और अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। आम नागरिकों की आवाजाही पर भी कई जगह प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
फिलहाल, BLF के दावे और जमीनी हकीकत के बीच सच्चाई क्या है, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। लेकिन इतना तय है कि बलूचिस्तान एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय ध्यान का केंद्र बन गया है और आने वाले दिनों में यहां हालात और तनावपूर्ण हो सकते हैं।