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बिना स्टारकास्ट, गाने, डांस और एक्शन के गुजराती डिवोशनल ड्रामा ने रचा इतिहास, 24,000% प्रॉफिट के साथ बनाया नया बेंचमार्क

‘लालो: कृष्ण सदा सहायते’—50 लाख की लागत से 120 करोड़ की कमाई, भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी स्लीपर हिट

साल 2025 की सबसे चौंकाने वाली और ऐतिहासिक फिल्मों में शुमार हो चुकी है गुजराती डिवोशनल ड्रामा ‘लालो: कृष्ण सदा सहायते’। यह फिल्म न सिर्फ अपनी विषयवस्तु के कारण चर्चा में है, बल्कि बॉक्स ऑफिस पर इसके रिकॉर्डतोड़ आंकड़ों ने पूरे इंडियन सिनेमा को हैरान कर दिया है। महज 50 लाख रुपये के छोटे से बजट में बनी इस फिल्म ने करीब 120 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है, जिससे यह अब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली गुजराती फिल्म बन गई है।

खास बात यह है कि ‘लालो’ में न तो कोई बड़ा सुपरस्टार है, न ही पारंपरिक बॉलीवुड या कमर्शियल सिनेमा के फॉर्मूले जैसे गाने, डांस और हाई-ऑक्टेन एक्शन। इसके बावजूद दर्शकों ने इस फिल्म को दिल खोलकर अपनाया। यही वजह है कि इसे इंडियन सिनेमा की सबसे बड़ी स्लीपर हिट कहा जा रहा है।

फिल्म ने 100 करोड़ क्लब में एंट्री कर इतिहास रच दिया और ऐसा करने वाली यह पहली गुजराती फिल्म बन गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘लालो: कृष्ण सदा सहायते’ ने बॉक्स ऑफिस पर लगभग 120 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है। अगर बजट और कमाई के अनुपात को देखा जाए, तो इसका ग्रॉस प्रॉफिट करीब 24,000 प्रतिशत बताया जा रहा है, जो अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है।

इस जबरदस्त प्रॉफिट के साथ ‘लालो’ ने पहले से मौजूद कई ऐतिहासिक फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आमिर खान की ‘सीक्रेट सुपरस्टार’, जो लगभग 15 करोड़ रुपये के बजट में बनी थी और जिसकी कमाई करीब 900 करोड़ रुपये बताई जाती है, ने लगभग 6,000 प्रतिशत का प्रॉफिट दिया था। वहीं, ‘जय संतोषी मां’ जैसी क्लासिक फिल्म भी इसी रेंज के प्रॉफिट के लिए जानी जाती है। लेकिन ‘लालो’ ने इन सभी को पीछे छोड़ते हुए नया बेंचमार्क सेट कर दिया है।

अगर अन्य हालिया ब्लॉकबस्टर्स से तुलना करें तो अंतर और भी साफ नजर आता है। ‘कांतारा चैप्टर 1’ ने लगभग 125 करोड़ रुपये के बजट पर 850 करोड़ रुपये की ग्रॉस कमाई की थी, जिसका प्रॉफिट करीब 680 प्रतिशत रहा। इसी तरह, ‘धुरंधर’ ने लगभग 760 प्रतिशत का प्रॉफिट कमाया है, जबकि ‘सैयारा’ ने अपने बजट से करीब 10 गुना ज्यादा कमाई करते हुए 1350 प्रतिशत का प्रॉफिट दर्ज किया।

हालांकि, इन सभी आंकड़ों के बावजूद ‘लालो’ का प्रॉफिट रेशियो इन फिल्मों से कई गुना आगे है। एक अनुमान के मुताबिक, ‘धुरंधर’ जैसी फिल्म को अगर ‘लालो’ के बराबर प्रॉफिट रेशियो हासिल करना हो, तो उसे करीब 30,000 करोड़ रुपये की कमाई करनी पड़ेगी, जो कि हॉलीवुड की मेगाहिट फिल्मों ‘अवतार’ और ‘एवेंजर्स: एंडगेम’ की कुल कमाई से भी ज्यादा है।

‘लालो: कृष्ण सदा सहायते’ की सफलता यह साबित करती है कि मजबूत कंटेंट, आस्था से जुड़ी कहानी और सच्ची भावनाएं आज भी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच सकती हैं। यह फिल्म न केवल गुजराती सिनेमा के लिए, बल्कि पूरे भारतीय फिल्म उद्योग के लिए एक मिसाल बनकर उभरी है, जिसने यह दिखा दिया कि कम बजट में भी इतिहास रचा जा सकता है।

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