नई दिल्ली। नया साल 2026 भारतीय नागरिकों के लिए कई अहम बदलाव लेकर आ सकता है। 1 जनवरी 2026 से सैलरी, टैक्स, बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट, सोशल मीडिया, गैस सिलेंडर, राशन कार्ड और किसान योजनाओं से जुड़े नियमों में बड़े संशोधन प्रस्तावित हैं। ये बदलाव सीधे आम आदमी की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करेंगे। सरकार, बैंकिंग सेक्टर और नियामक संस्थाओं की ओर से इन नियमों को लागू करने की तैयारी चल रही है।
1 जनवरी 2026 से 8वें वेतन आयोग को लागू किए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसके तहत केंद्र और राज्य कर्मचारियों की सैलरी में 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है। अनुमान है कि फिटमेंट फैक्टर 2.10 से 2.89 तक रह सकता है, जिससे न्यूनतम वेतन ₹18,000 से बढ़कर लगभग ₹41,000 तक पहुंच सकता है।
इसके साथ ही महंगाई भत्ते (DA) में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है। वहीं, देशभर में न्यूनतम मजदूरी की समीक्षा की जाएगी, जिससे दैनिक और पार्ट-टाइम मजदूरों को राहत मिल सकती है।
2026 से क्रेडिट स्कोर अब हर सप्ताह अपडेट होगा, जो पहले 15 दिन में होता था। इससे लोन भुगतान या चूक का असर तेजी से दिखेगा।
फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों में संशोधन संभव है, जो अलग-अलग बैंकों में 7.1% से 7.8% तक हो सकती हैं। वहीं SBI, PNB, HDFC जैसे बैंकों ने लोन ब्याज दरों में कटौती की है, जिससे ग्राहकों की EMI कम हो सकती है।
1 जनवरी से PAN-आधार लिंकिंग अनिवार्य रहेगी। लिंक न होने पर PAN निष्क्रिय हो सकता है और इसके लिए ₹1,000 शुल्क देना होगा।
UPI और डिजिटल पेमेंट में सख्ती बढ़ेगी। सामान्य लेन-देन की सीमा ₹1 लाख प्रतिदिन, जबकि शिक्षा, स्वास्थ्य, IPO और बीमा के लिए ₹5 लाख तक रहेगी। वेरिफाइड मर्चेंट्स को ₹10 लाख तक की अनुमति मिल सकती है।
ATM उपयोग के लिए मुफ्त लेन-देन सीमा के बाद ₹23 प्रति ट्रांजैक्शन शुल्क लगेगा।
WhatsApp, Telegram जैसे प्लेटफॉर्म्स के लिए SIM वेरिफिकेशन नियम सख्त होंगे। फ्रॉड रोकने के लिए 90 दिनों में सक्रिय SIM की जांच और वेब वर्जन पर बार-बार लॉगआउट अनिवार्य हो सकता है।
इसके अलावा 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर आयु प्रतिबंध और पैरेंटल कंसेंट लागू किए जाने की संभावना है।
पीएम-किसान योजना के तहत यूनिक किसान आईडी अनिवार्य की जा रही है।
पीएम फसल बीमा योजना में जंगली जानवरों से फसल नुकसान पर मुआवजे का प्रावधान किया जा सकता है, बशर्ते 72 घंटे में रिपोर्ट हो।
नया इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म आएगा, जिसमें बैंक ट्रांजैक्शन और खर्चों की प्री-फिल्ड जानकारी होगी।
नई कर व्यवस्था में ₹4 लाख तक आय टैक्स-मुक्त और ₹12 लाख तक की आय पर छूट के कारण प्रभावी टैक्स शून्य हो सकता है।
घरेलू और कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में ₹30-40 तक कटौती संभव है।
NCR में प्रदूषण नियंत्रण के तहत डीजल-पेट्रोल कमर्शियल वाहनों पर प्रतिबंध सख्त हो सकता है।
UP, बिहार और MP जैसे राज्यों में डिजिटल राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य किया जा सकता है।