अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ को लेकर एक बार फिर धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उत्साह चरम पर है। इस ऐतिहासिक अवसर को भव्य रूप से मनाने के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रामनगरी में आज 27 दिसंबर 2025 से धार्मिक अनुष्ठानों की विधिवत शुरुआत हो चुकी है, जो आगामी 2 जनवरी 2026 तक निरंतर चलेंगी।
राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, वर्षगांठ का मुख्य समारोह 31 दिसंबर 2025 को ‘प्रतिष्ठा द्वादशी’ के पावन दिन आयोजित किया जाएगा। इस विशेष अवसर पर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनके साथ अनेक संत-महात्मा, धर्माचार्य, जनप्रतिनिधि और विशिष्ट अतिथि भी समारोह में सहभागिता करेंगे।
धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार, विशेष पूजा-पाठ, हवन और यज्ञ से की गई है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और स्वयंसेवी संगठनों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
रामनगरी अयोध्या को इस अवसर पर विशेष रूप से सजाया गया है। मंदिर परिसर, प्रमुख मार्गों और घाटों को आकर्षक विद्युत सज्जा और पुष्पों से सजाया जा रहा है। सरयू नदी के तट पर दीपोत्सव जैसी झलक देखने को मिल सकती है, जहां हजारों दीप जलाकर भगवान श्रीराम के प्रति श्रद्धा प्रकट की जाएगी। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों, भजन-कीर्तन और रामकथा का आयोजन भी किया जाएगा।
31 दिसंबर को होने वाले मुख्य समारोह में देश-प्रदेश के कई प्रमुख संत और धार्मिक नेता अपने विचार रखेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अयोध्या के धार्मिक और सांस्कृतिक विकास को लेकर सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालने की संभावना है, वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह राष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत और राम मंदिर के ऐतिहासिक महत्व पर अपने विचार साझा कर सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। नगर निगम द्वारा स्वच्छता अभियान को और तेज कर दिया गया है।
राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सांस्कृतिक और राष्ट्रीय भावना के रूप में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह आयोजन देशभर के करोड़ों राम भक्तों के लिए आस्था और गौरव का प्रतीक बन चुका है। आने वाले दिनों में अयोध्या एक बार फिर श्रद्धा, भक्ति और उत्सव के रंग में रंगी नजर आएगी।