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प्रतापगढ़ के कुंडा पहुंचने पर समर्थकों ने किया जोरदार अभिनंदन, 1.5 करोड़ रुपये मूल्य के घोड़े की चर्चा जोरों पर

राजा भैया को मिला ‘विजयराज’ घोड़ा, कुंडा में हुआ भव्य और राजसी स्वागत

प्रतापगढ़ जिले के कुंडा विधानसभा क्षेत्र में जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के आगमन पर भव्य और राजसी स्वागत देखने को मिला। इस अवसर पर उन्हें ‘विजयराज’ नामक एक विशेष नस्ल का घोड़ा भेंट किए जाने की चर्चा ने क्षेत्र में खासा आकर्षण पैदा कर दिया। बताया जा रहा है कि इस घोड़े की कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपये आंकी जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

राजा भैया के कुंडा पहुंचते ही समर्थकों और कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने लायक था। ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और जयघोष के बीच उनका स्वागत किया गया। पारंपरिक तरीके से तिलक लगाकर उनका अभिनंदन किया गया, जिससे पूरा माहौल राजसी रंग में रंगा नजर आया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

‘विजयराज’ घोड़ा अपनी शानदार कद-काठी, सधी हुई चाल और आकर्षक बनावट के कारण लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बना रहा। बताया जाता है कि यह घोड़ा दुर्लभ नस्ल का है और इसे विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। घोड़े के साथ राजा भैया की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिन पर समर्थक गर्व और उत्साह जता रहे हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राजा भैया का क्षेत्र में प्रभाव हमेशा से मजबूत रहा है और ऐसे आयोजनों से उनके समर्थकों के बीच जुड़ाव और भी गहरा होता है। कुंडा क्षेत्र में राजा भैया की पहचान एक प्रभावशाली जननेता के साथ-साथ शाही जीवनशैली के लिए भी जानी जाती है। घोड़े से जुड़ी यह घटना उसी छवि को और मजबूत करती नजर आ रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि राजा भैया का अपने क्षेत्र में आगमन हमेशा किसी उत्सव से कम नहीं होता। समर्थकों के अनुसार, वे न केवल एक नेता हैं बल्कि कुंडा की पहचान भी बन चुके हैं। ऐसे में ‘विजयराज’ जैसे खास तोहफे का मिलना समर्थकों की ओर से सम्मान और विश्वास का प्रतीक माना जा रहा है।

हालांकि कुछ लोग इस भव्य स्वागत और महंगे तोहफे को लेकर सवाल भी उठा रहे हैं। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों को सादगी का संदेश देना चाहिए। वहीं समर्थकों का तर्क है कि यह पूरी तरह व्यक्तिगत सम्मान और पारंपरिक स्वागत का हिस्सा है, जिसका राजनीति से सीधा संबंध नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

कुल मिलाकर, राजा भैया का कुंडा आगमन और ‘विजयराज’ घोड़े की भेंट इस समय पूरे प्रतापगढ़ जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। यह घटना न केवल राजनीतिक हलकों में बल्कि आम जनता और सोशल मीडिया पर भी खूब सुर्खियां बटोर रही है।

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