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श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, हर चौराहे और घाट पर सख्त निगरानी के निर्देश

माघ मेला–2026: अपर पुलिस महानिदेशक ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा, स्नान घाटों व प्रमुख स्थलों का किया स्थलीय निरीक्षण

प्रयागराज।माघ मेला–2026 के सफल एवं सुरक्षित आयोजन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) उत्तर प्रदेश श्री अमिताभ यश ने मंगलवार, 30 दिसंबर 2025 को मेला क्षेत्र का व्यापक भ्रमण एवं निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर (ICCC) से संपूर्ण मेला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और उच्चाधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की।

निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस महानिदेशक ने कहा कि माघ मेला क्षेत्र में साधु-संतों, महात्माओं, कल्पवासियों एवं श्रद्धालुओं का आगमन प्रारंभ हो चुका है। ऐसे में उनकी सुरक्षा, सुविधा और सुचारु आवागमन सुनिश्चित करना पुलिस प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि स्नान घाटों तक जाने वाले सभी मार्गों को पूरी तरह सुरक्षित, व्यवस्थित एवं सुगम बनाया जाए ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

श्री अमिताभ यश ने मेला क्षेत्र में आने-जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों, चौराहों, तिराहों एवं भीड़-भाड़ वाले स्थलों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और आपात स्थिति से निपटने के लिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जाए। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन निगरानी और कंट्रोल रूम के माध्यम से 24×7 निगरानी बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।

इसके उपरांत अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) ने संगम नोज, झूंसी क्षेत्र एवं मेला क्षेत्र के विभिन्न पार्किंग स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने डीप वाटर बैरिकेटिंग, स्नान घाटों की सुरक्षा, घाटों तक पहुंचने वाले रास्तों की चौड़ाई और बैरिकेडिंग व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नदी क्षेत्र में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचाव के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाए।

निरीक्षण के समय यह भी निर्देश दिए गए कि कल्पवासियों के टेंट क्षेत्रों, अखाड़ों और साधु-संतों के शिविरों के आसपास विशेष निगरानी रखी जाए। महिला श्रद्धालुओं, बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों की सुरक्षा और सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए जाने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा, पार्किंग स्थलों से मेला क्षेत्र तक आवागमन को सुव्यवस्थित रखने हेतु स्पष्ट साइन बोर्ड, स्वयंसेवकों की तैनाती और यातायात पुलिस की सक्रिय भूमिका पर बल दिया गया।

अपर पुलिस महानिदेशक ने अधिकारियों को यह भी कहा कि माघ मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था और परंपरा का प्रतीक है, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ श्रद्धालुओं के साथ पुलिस का व्यवहार भी सौहार्दपूर्ण और सहयोगात्मक होना चाहिए। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित रिस्पॉन्स सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट प्रयागराज; अपर पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट प्रयागराज; मंडलायुक्त प्रयागराज; जिलाधिकारी प्रयागराज; पुलिस अधीक्षक माघ मेला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने माघ मेला–2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालुओं के लिए यादगार बनाने के संकल्प के साथ व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने का भरोसा दिलाया।

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