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गोण्डा, वाराणसी और बरेली में ट्रैप कार्रवाई, पुलिसकर्मी, जेई, लाइनमैन और लेखपाल रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार, तीन जिलों में एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई

उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति एक बार फिर सख्ती के साथ जमीन पर उतरती दिखी है। मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देशों और पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कृष्ण के कड़े आदेशों के अनुपालन में भ्रष्टाचार निवारण संगठन (Anti Corruption Organization), उत्तर प्रदेश ने 30 दिसंबर 2025 को एक साथ तीन जिलों—गोण्डा, वाराणसी और बरेली—में बड़ी ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। इन कार्रवाइयों में पुलिसकर्मी, विद्युत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और राजस्व लेखपाल सहित कुल पांच सरकारी कर्मचारी रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किए गए।

पहली कार्रवाई गोण्डा जनपद में की गई। यहां नवाबगंज थाना क्षेत्र के निवासी श्री बृजेश यादव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एक पुलिस उपनिरीक्षक विवेचना में धाराएं बढ़ाने और जेल भेजने की धमकी देकर रिश्वत की मांग कर रहा है। शिकायत के सत्यापन के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन गोण्डा इकाई ने निरीक्षक श्री धनंजय कुमार सिंह के नेतृत्व में नवाबगंज ब्लॉक परिसर में ट्रैप लगाया। इस दौरान थाना नवाबगंज में तैनात उपनिरीक्षक अमर पटेल को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

दूसरी बड़ी कार्रवाई वाराणसी इकाई द्वारा जनपद गाजीपुर में की गई। शिकायतकर्ता श्री धर्मेन्द्र यादव ने आरोप लगाया था कि नलकूप के लिए विद्युत कनेक्शन देने के एवज में विद्युत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी रिश्वत की मांग कर रहे हैं। जांच के बाद निरीक्षक श्री मुकेन्द्र कुमार के नेतृत्व में ग्राम पंचायत भवन कुसुमी कटा (कम्पोजिट प्राइमरी विद्यालय परिसर) में ट्रैप लगाया गया। इस कार्रवाई में विद्युत विभाग के सहायक लाइनमैन प्रमोद यादव और अवर अभियंता (JE) इन्द्रजीत कुमार को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

तीसरी कार्रवाई बरेली इकाई द्वारा जनपद बदायूँ में अंजाम दी गई। शिकायतकर्ता श्री दुर्गेश कुमार ने आरोप लगाया था कि वारिसान दर्ज कराने के लिए राजस्व लेखपाल द्वारा अवैध धनराशि की मांग की जा रही है। निरीक्षक श्री प्रवीण सान्याल के नेतृत्व में तहसील सदर बदायूँ के ग्राउंड फ्लोर पर ट्रैप कार्रवाई की गई। इस दौरान राजस्व लेखपाल महेन्द्र सिंह को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। आरोपी वर्तमान में आगरा जनपद में तैनात था और उसके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

एक ही दिन में तीन अलग-अलग जिलों में की गई इन सफल ट्रैप कार्रवाइयों से साफ है कि उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार और पुलिस प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ काम कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आम नागरिकों से अपील की गई है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो बिना भय के भ्रष्टाचार निवारण संगठन से शिकायत करें। ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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