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DCP पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देशन में कार्रवाई, लंबे समय से फरार आरोपी दबोचा गया

KGMU मामले में 50 हजार का इनामी डॉक्टर गिरफ्तार, लखनऊ पुलिस को बड़ी सफलता

लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) से जुड़े चर्चित और संवेदनशील मामले में लखनऊ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी डॉक्टर लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार प्रयास कर रही थीं। यह महत्वपूर्ण कार्रवाई डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देशन में गठित पुलिस टीम द्वारा अंजाम दी गई।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी डॉक्टर पर KGMU से जुड़े एक गंभीर मामले में आरोप दर्ज हैं। जांच के दौरान जब आरोपी लगातार पुलिस से बचता रहा और कोर्ट के समन का भी पालन नहीं किया, तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ द्वारा 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इसके बाद से ही आरोपी की तलाश तेज कर दी गई थी।

गोपनीय सूचना बनी गिरफ्तारी की वजह

डीसीपी पश्चिम कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस को आरोपी डॉक्टर की मौजूदगी को लेकर एक गोपनीय सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने पूरी रणनीति के साथ इलाके की घेराबंदी की और दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई और आरोपी ने कोई प्रतिरोध भी नहीं किया।

पुलिस का कहना है कि आरोपी डॉक्टर काफी समय से स्थान बदल-बदलकर रह रहा था, ताकि पुलिस की पकड़ से बच सके। हालांकि, तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से आखिरकार पुलिस ने उसे दबोच लिया।

KGMU से जुड़ा संवेदनशील मामला

बताया जा रहा है कि यह मामला KGMU जैसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान से जुड़ा हुआ है, जिस कारण यह लंबे समय से चर्चा में बना हुआ था। आरोपी डॉक्टर पर लगे आरोपों को लेकर जांच एजेंसियां गंभीरता से पड़ताल कर रही थीं। आरोपी की गिरफ्तारी से अब मामले की जांच में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

पुलिस सूत्रों का मानना है कि पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं, जिससे इस मामले में अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका भी उजागर हो सकती है।

पुलिस टीम की सराहना

डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने इस सफलता पर पुलिस टीम की सराहना की है। उन्होंने कहा कि लखनऊ पुलिस अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। चाहे आरोपी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून के हाथ लंबे हैं और अपराधी को आखिरकार न्याय के कटघरे में लाया ही जाएगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इनामी और फरार आरोपियों के खिलाफ आगे भी सघन अभियान जारी रहेगा और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

आगे की कार्रवाई जारी

फिलहाल आरोपी डॉक्टर को संबंधित थाने लाकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस उसे जल्द ही न्यायालय में पेश करेगी और आगे की पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की जा सकती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि दोषियों को सख्त सजा दिलाई जा सके।

आरोपी की गिरफ्तारी से KGMU मामले में एक अहम कड़ी जुड़ गई है और इससे पुलिस जांच को निर्णायक दिशा मिलने की उम्मीद है।

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