लखनऊ। राजधानी लखनऊ के एक्सईएन उपकेंद्र क्षेत्र अंतर्गत मोहन रोड स्थित सलेमपुर पतौरा इलाके में बीती आधी रात बिजली चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया। रात करीब 12 बजे अज्ञात चोरों ने 250 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर को गिराकर उसमें से तांबा निकाल लिया और मौके पर ट्रांसफार्मर का खोखा छोड़कर फरार हो गए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और उपकेंद्र से जुड़े करीब 10 हजार घरों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई।
घटना के कारण सिर्फ बिजली ही नहीं, बल्कि पानी की सप्लाई भी बाधित हो गई। सुबह होते-होते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को बिना बिजली और पानी के कठिन हालात झेलने पड़े। स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए।
बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता अमित कुमार आनंद ने बताया कि चोरों ने बेहद शातिराना तरीके से पहले 11 हजार वोल्ट की सप्लाई बंद की और उसके बाद ट्रांसफार्मर को चबूतरे से गिराकर उसमें से तांबा निकाल लिया। इस घटना से विभाग को करीब चार लाख रुपये का सीधा नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि यह केवल चोरी नहीं, बल्कि गंभीर आपराधिक लापरवाही का मामला है, जिससे हजारों उपभोक्ताओं की जिंदगी प्रभावित हुई।
हैरानी की बात यह रही कि इतनी बड़ी घटना की जानकारी बिजली विभाग के कर्मचारियों को सुबह करीब 9 बजे मिली। सूचना मिलते ही विभागीय अफसर मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक हालात काबू में नहीं आ सके थे। शाम के समय डॉग स्क्वायड की मौजूदगी में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
लगातार मरम्मत कार्य और वैकल्पिक व्यवस्था के बाद करीब 18 घंटे बाद बुधवार शाम लगभग 6 बजे बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकी। हालांकि तब तक लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच चुका था। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इलाके में पहले भी बिजली चोरी और ट्रांसफार्मर से छेड़छाड़ की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन विभाग ने कभी स्थायी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए।
बिजली विभाग ने दावा किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी, सुरक्षा गार्ड और तकनीकी उपाय अपनाए जाएंगे। वहीं पुलिस ने जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया है।
यह घटना न सिर्फ बिजली विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी लापरवाही आम जनता को कितनी बड़ी परेशानी में डाल सकती है।