नई दिल्ली। घरेलू सर्राफा बाजार में सोना और चांदी ने ऐतिहासिक तेजी दर्ज करते हुए निवेशकों को चौंका दिया है। गुरुवार को सोना ₹1,287 की मजबूती के साथ ₹1,38,000 प्रति 10 ग्राम के ऑलटाइम हाई स्तर पर पहुंच गया, जबकि चांदी ने भी सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए ₹2,32,000 प्रति किलोग्राम का आंकड़ा पार कर लिया। खास बात यह रही कि चांदी सिर्फ एक दिन में ₹13,117 तक महंगी हो गई, जो हाल के वर्षों की सबसे बड़ी एकदिनी बढ़त मानी जा रही है।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक अनिश्चितता, डॉलर में कमजोरी, भू-राजनीतिक तनाव और केंद्रीय बैंकों की सोने में लगातार खरीदारी इस तेजी के बड़े कारण हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी मजबूत रुझान के साथ कारोबार कर रहे हैं, जिसका सीधा असर भारतीय बाजारों पर दिख रहा है।
अगर सालाना प्रदर्शन की बात करें तो चांदी ने निवेशकों को सबसे ज्यादा चौंकाया है। 2025 में अब तक चांदी ने करीब 150% तक का रिटर्न दिया है, जो इसे इस साल की सबसे बेहतरीन परफॉर्म करने वाली एसेट क्लास बनाता है। जानकारों का कहना है कि इंडस्ट्रियल डिमांड, खासकर सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में बढ़ती खपत ने चांदी की मांग को और मजबूत किया है।
वहीं सोने को पारंपरिक तौर पर सुरक्षित निवेश (Safe Haven) माना जाता है। वैश्विक मंदी की आशंका, ब्याज दरों को लेकर असमंजस और शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशक बड़ी संख्या में सोने की ओर रुख कर रहे हैं। यही वजह है कि सोने की कीमतें लगातार नए रिकॉर्ड बना रही हैं।
सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि शादी-विवाह के सीजन के बावजूद ऊंचे दामों के कारण फिजिकल खरीदारी थोड़ी प्रभावित हो सकती है, लेकिन निवेश मांग मजबूत बनी हुई है। गोल्ड ETF और डिजिटल गोल्ड में भी निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है।
आगे के रुझान को लेकर एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहे तो सोना और चांदी दोनों में आगे भी तेजी जारी रह सकती है। हालांकि, इतनी तेज बढ़त के बाद बीच-बीच में मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी में बड़ा निवेश करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश करें और बाजार के उतार-चढ़ाव पर नजर रखें।
कुल मिलाकर, सोना और चांदी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अनिश्चित दौर में ये धातुएं निवेशकों का भरोसेमंद सहारा बनी रहती हैं।