नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर भीषण वायु प्रदूषण की चपेट में है। घने कोहरे और स्मॉग की मोटी चादर ने पूरे शहर को ढक लिया है, जिससे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार पहुंच गया है। यह स्तर ‘बेहद गंभीर’ श्रेणी में आता है, जहां सामान्य लोगों के साथ-साथ स्वस्थ व्यक्तियों को भी सांस लेने में परेशानी हो सकती है। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रही और सड़कों पर चलना तक मुश्किल हो गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली के कई इलाकों में AQI 450 से ऊपर दर्ज किया गया, जबकि कुछ स्थानों पर यह 480 तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो आने वाले दिनों में AQI 500 के पार जाने की आशंका भी है, जिसे आपातकालीन स्थिति माना जाता है।
दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं। उत्तर भारत में पराली जलाने से उठने वाला धुआं, ठंडी हवाओं की रफ्तार कम होना, तापमान में गिरावट और वाहनों व निर्माण कार्यों से निकलने वाला धूल-धुआं—ये सभी मिलकर स्थिति को और गंभीर बना रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, हवा की गति बेहद धीमी होने के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में ही फंसे हुए हैं, जिससे स्मॉग की परत और मोटी हो गई है।
डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस प्रदूषण को बेहद खतरनाक बताया है। अस्पतालों में सांस संबंधी समस्याओं, अस्थमा, आंखों में जलन, गले में खराश और सिरदर्द के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। खासतौर पर बच्चों, बुज़ुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार लोगों के लिए यह स्थिति ज्यादा जोखिम भरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक इस तरह की हवा में रहने से फेफड़ों और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में GRAP (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) के कड़े प्रावधान लागू कर दिए गए हैं। इसके तहत:
निर्माण और तोड़फोड़ के कार्यों पर रोक
भारी वाहनों की एंट्री पर नियंत्रण
औद्योगिक इकाइयों पर सख्ती
पानी का छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल
इसके अलावा, लोगों को सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल करने और निजी वाहनों से बचने की अपील की गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें, सुबह-शाम की सैर फिलहाल टालें और बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल करें। बच्चों को खुले में खेलने से रोकने और बुज़ुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।