उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। लेखपाल भर्ती प्रक्रिया में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी गई है। यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा जारी लेखपाल भर्ती में अब ओबीसी वर्ग के लिए 2158 पद आरक्षित किए गए हैं। इससे पहले ओबीसी के लिए पदों की संख्या कम होने को लेकर लगातार विरोध हो रहा था।
इसी बीच प्रदेश में लेखपाल के कुल 7994 पदों पर आज से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। भर्ती से ठीक पहले हुए इस संशोधन को सरकार और आयोग का बड़ा फैसला माना जा रहा है, जिससे लाखों अभ्यर्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।
दरअसल, जब आयोग ने लेखपाल भर्ती का प्रारंभिक विज्ञापन जारी किया था, तब उसमें आरक्षित वर्गों विशेषकर ओबीसी के पद अपेक्षा से कम रखे गए थे। इसे लेकर समाजवादी पार्टी सहित कई पिछड़ा वर्ग संगठनों ने कड़ा विरोध जताया। नेताओं और संगठनों का कहना था कि यह आरक्षण नियमों और सामाजिक न्याय की भावना के खिलाफ है।
विरोध बढ़ने के बाद मामला राजस्व विभाग तक पहुंचा। विभाग ने भर्ती से जुड़े आंकड़ों की दोबारा समीक्षा की और नियमों के अनुरूप पदों का पुनर्वितरण किया। इसके बाद लेखपाल भर्ती में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के पदों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
संशोधित व्यवस्था के अनुसार अब ओबीसी वर्ग के लिए 2158 पद आरक्षित होंगे, जबकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग को भी पहले की तुलना में अधिक सीटों का लाभ मिलेगा। हालांकि सामान्य वर्ग के पदों में आंशिक कटौती की गई है, लेकिन सरकार का कहना है कि यह फैसला संवैधानिक आरक्षण व्यवस्था के तहत लिया गया है।
भर्ती प्रक्रिया की बात करें तो लेखपाल पद के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से लिए जाएंगे। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि, परीक्षा तिथि और चयन प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी आयोग द्वारा जारी अधिसूचना में दी गई है।
लेखपाल भर्ती ग्रामीण राजस्व व्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है। इस पद के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों को भूमि रिकॉर्ड, राजस्व वसूली और प्रशासनिक कार्यों में अहम भूमिका निभानी होती है। यही कारण है कि हर साल लाखों युवा इस भर्ती का इंतजार करते हैं।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह फैसला अहम माना जा रहा है। विपक्षी दल इसे अपनी जीत बता रहे हैं, जबकि सरकार का कहना है कि उसने समय रहते सामाजिक संतुलन बनाए रखने का काम किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह संशोधन आने वाले समय में अन्य भर्तियों के लिए भी एक मिसाल बन सकता है।
कुल मिलाकर लेखपाल भर्ती में किया गया यह बदलाव ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर है और इससे भर्ती प्रक्रिया को लेकर चल रहा असंतोष भी काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।