लखनऊ, 23 सितंबर 2026। राजधानी लखनऊ में बुधवार को भारत टैक्सी सेवा का औपचारिक शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 5, कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम में भारत टैक्सी सेवा की शुरुआत की। कार्यक्रम का समय सुबह 10:30 बजे निर्धारित था।
भारत टैक्सी को सहकारी मॉडल पर आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है। केंद्र सरकार के अनुसार इसका संचालन सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (STCL) द्वारा किया जाता है और इसका उद्देश्य ड्राइवरों को सदस्य एवं हितधारक के रूप में जोड़ते हुए उनके आर्थिक एवं सामाजिक हितों को बढ़ावा देना तथा यात्रियों को सुरक्षित, भरोसेमंद और किफायती परिवहन उपलब्ध कराना है।
उत्तर प्रदेश में भारत टैक्सी सेवा के विस्तार को लेकर सरकार की ओर से व्यापक योजना बताई गई है। कार्यक्रम से पहले प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार सेवा से करीब 50 हजार टैक्सी चालक जुड़ चुके हैं, जिनमें लगभग 40 हजार लखनऊ से बताए गए हैं। यह सेवा अप्रैल से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में संचालित होने की जानकारी भी सामने आई थी।
भारत टैक्सी के तहत टैक्सी, दोपहिया और तिपहिया वाहन चालकों के लिए प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। कार्यक्रम में चालकों को ‘सारथी’ के रूप में जोड़े जाने और उन्हें शेयर प्रमाणपत्र दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
भारत टैक्सी के सहकारी मॉडल में ड्राइवरों को केवल सेवा प्रदाता के तौर पर नहीं, बल्कि सहकारी व्यवस्था के सदस्य और हितधारक के रूप में जोड़ने का प्रावधान है। PIB के अनुसार प्लेटफॉर्म का उद्देश्य रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना, ड्राइवरों के आर्थिक कल्याण को मजबूत करना और सहकारी सिद्धांतों पर आधारित तकनीकी परिवहन व्यवस्था विकसित करना है।
उत्तर प्रदेश में लॉन्च से संबंधित रिपोर्टों के मुताबिक ड्राइवरों के लिए जीरो-कमीशन मॉडल और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं की घोषणा की गई है। IANS की रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री ने पांच लाख रुपये तक की सामाजिक सुरक्षा का उल्लेख किया।
लखनऊ में हुए कार्यक्रम के दौरान भारत टैक्सी और शहर के प्रमुख परिवहन एवं सुरक्षा संस्थानों के बीच समन्वय बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाया गया। रिपोर्टों के अनुसार एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, लखनऊ मेट्रो रेल, लखनऊ पुलिस और भारत टैक्सी के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाने की योजना थी। इससे यात्रियों के लिए एयरपोर्ट, मेट्रो और शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच परिवहन व्यवस्था को जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।
भारत टैक्सी के शुभारंभ के साथ ही मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना से संबंधित ई-पोर्टल का भी शुभारंभ किया। रिपोर्टों के अनुसार योजना के तहत पात्र लघु एवं सीमांत किसानों को छह प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान है। योजना के लिए 384 करोड़ रुपये की स्वीकृति और पांच वर्षों में पांच लाख किसानों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य बताया गया है।
कार्यक्रम में सहकारिता विभाग के उर्वरक सेतु मोबाइल एप तथा उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव डेटाबेस सेंटर (UPCDC) मोबाइल एप के लॉन्च की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री द्वारा योजना के लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र वितरित किए जाने का कार्यक्रम भी रखा गया था।
भारत टैक्सी का उद्देश्य सहकारी मॉडल के माध्यम से परिवहन क्षेत्र में ड्राइवरों की भागीदारी बढ़ाना है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार प्लेटफॉर्म का लक्ष्य विश्वसनीय, किफायती और पारदर्शी मोबिलिटी सेवा उपलब्ध कराना है।
लखनऊ में इसके औपचारिक शुभारंभ के बाद राजधानी के परिवहन क्षेत्र में इस नई सेवा की भूमिका बढ़ने की संभावना है। आगे इसे प्रदेश के अन्य जिलों तक विस्तारित करने की योजना की भी रिपोर्ट सामने आई है।
कुल मिलाकर, 23 सितंबर का कार्यक्रम केवल भारत टैक्सी के शुभारंभ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सहकारी परिवहन, ड्राइवर कल्याण और किसानों के लिए वित्तीय सहायता से जुड़ी कई पहलों को एक साथ आगे बढ़ाने का अवसर बना। भारत टैक्सी के माध्यम से सरकार और सहकारी क्षेत्र ड्राइवरों को प्लेटफॉर्म की अर्थव्यवस्था में हिस्सेदार बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।