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राज्य निर्वाचन आयोग का बड़ा फैसला, 28 मार्च को प्रकाशित होगी पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची

पंचायत चुनाव से पहले मतदाता पुनरीक्षण-2025 की समय सीमा बढ़ी, अब 27 मार्च तक होंगे दावे-आपत्तियों का निस्तारण

पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच मतदाताओं के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता पुनरीक्षण-2025 अभियान की समय सीमा बढ़ा दी है। आयोग के ताजा आदेश के अनुसार अब मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन कराने और आपत्तियों के निस्तारण से जुड़ी समस्त कार्यवाही 27 मार्च 2025 तक पूरी की जाएगी। इसके बाद 28 मार्च 2025 को पंचायत चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

पहले यह प्रक्रिया तय समय सीमा में पूरी की जानी थी, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार मिल रही शिकायतों, तकनीकी कारणों और बड़ी संख्या में प्राप्त दावों व आपत्तियों को देखते हुए आयोग ने यह निर्णय लिया है। इससे उन मतदाताओं को खास फायदा मिलेगा, जिनका नाम सूची में दर्ज नहीं हो सका था या जिनके विवरण में त्रुटियां रह गई थीं।

राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के अनुसार मतदाता पुनरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य पंचायत चुनाव में अधिकतम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। आयोग का मानना है कि किसी भी मतदाता का नाम सूची से छूटना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुनरीक्षण अवधि को बढ़ाकर पारदर्शी और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।

अभियान के तहत ग्रामीण मतदाता अपने ग्राम पंचायत स्तर पर बूथ लेवल अधिकारी (BLO) के माध्यम से दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन माध्यम से भी नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। आयोग ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे तय समय सीमा में सभी आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण और निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित करें।

राजनीतिक दृष्टि से भी यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है। पंचायत चुनाव को लेकर गांव-गांव में सरगर्मियां तेज हैं और मतदाता सूची को लेकर अक्सर विवाद सामने आते हैं। समय सीमा बढ़ने से उन युवाओं, नवविवाहित महिलाओं और प्रवासी श्रमिकों को राहत मिलेगी, जिनका नाम अब तक सूची में शामिल नहीं हो पाया था।

राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि 27 मार्च के बाद किसी भी प्रकार का दावा या आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी। 28 मार्च को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची ही पंचायत चुनाव में मान्य होगी। आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अंतिम तिथि से पहले अपनी प्रविष्टियों की जांच जरूर कर लें, ताकि मतदान के दिन किसी तरह की परेशानी न हो।

विशेषज्ञों का मानना है कि मतदाता पुनरीक्षण की समय सीमा बढ़ाने का निर्णय पंचायत चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी और सहभागितापूर्ण बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। अब देखना होगा कि इस अतिरिक्त समय का लाभ कितने मतदाता उठा पाते हैं और इसका पंचायत चुनाव की तस्वीर पर कितना असर पड़ता है।

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