लखनऊ। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पद्म विभूषण से सम्मानित कल्याण सिंह ‘बाबूजी’ की जयंती के अवसर पर रविवार, 05 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने राजधानी लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास 02, मॉल एवेन्यू में ‘बाबूजी’ के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कल्याण सिंह ‘बाबूजी’ उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक ऐसे व्यक्तित्व थे, जिन्होंने सिद्धांतों, साहस और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य किया। वे न केवल एक कुशल प्रशासक थे, बल्कि आमजन, किसानों, वंचितों और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज भी थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘बाबूजी’ का पूरा जीवन सुशासन, सामाजिक न्याय और राष्ट्रभक्ति के लिए समर्पित रहा।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने में कल्याण सिंह का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और जो सही लगा, उसके लिए हर चुनौती का सामना किया। यही कारण है कि आज भी प्रदेश की जनता उन्हें सम्मान और श्रद्धा के साथ याद करती है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज की पीढ़ी को ‘बाबूजी’ के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। उनका सादा जीवन, स्पष्ट विचार और मजबूत निर्णय क्षमता हर जनप्रतिनिधि के लिए आदर्श है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार भी उन्हीं मूल्यों को आधार बनाकर प्रदेश को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है, जिसमें कानून का राज, विकास और गरीब कल्याण सर्वोपरि है।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के समय मुख्यमंत्री ने ‘बाबूजी’ के साथ जुड़े अनेक संस्मरणों को साझा किया और कहा कि उनका मार्गदर्शन सदैव प्रेरणा देता रहेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि प्रदेश सरकार उनके सपनों के उत्तर प्रदेश को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है, जहां हर नागरिक सुरक्षित, सम्मानित और आत्मनिर्भर महसूस करे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री आवास पर मौजूद अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों ने भी पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। पूरे कार्यक्रम का वातावरण श्रद्धा, सम्मान और स्मरण से भरा रहा।
कल्याण सिंह ‘बाबूजी’ की जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल उन्हें श्रद्धांजलि देने का अवसर था, बल्कि उनके विचारों और आदर्शों को आत्मसात करने का संदेश भी देता नजर आया।