बंगाल के राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस ने सोमवार को भारतीय संगीत के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए जाने-माने गायक और संगीतकार कैलाश खेर को गवर्नर अवॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस से सम्मानित किया। यह सम्मान कोलकाता के ऐतिहासिक विक्टोरिया मेमोरियल में आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान प्रदान किया गया।
यह विशेष आयोजन ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्रगीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। इस अवसर पर कैलाश खेर को पदक, सम्मान पत्र और दो लाख रुपये का चेक भी प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान कैलाश खेर और उनकी टीम ने अपनी लोकप्रिय सूफियाना और लोकधुनों की प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। गायक ने अपनी प्रसिद्ध रचनाएँ जैसे "तेरी दीवानी" और "अल्लाह के बंदे" प्रस्तुत कीं, जिससे कार्यक्रम में उपस्थित दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। पद्मश्री सम्मानित खेर ने फिल्मी, गैर-फिल्मी और भजन संगीत के माध्यम से दर्शकों को संगीत का अनोखा अनुभव प्रदान किया।
राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस के निर्देशन और केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के समन्वय में, लोक भवन द्वारा आयोजित इस विशेष आयोजन के तहत 5 और 6 जनवरी को दो दिवसीय कार्यक्रम के रूप में कई गतिविधियाँ आयोजित की गईं। सोमवार को तीन अलग-अलग स्थानों से मोटरसाइकिल रैलियां निकाली गईं, जिनका समापन कोलकाता में रवींद्रनाथ टैगोर के पैतृक निवास, जोड़ासांको ठाकुरबाड़ी में हुआ। यहाँ एक अखंड ज्योति (शाश्वत लौ) प्रज्वलित की गई, जो उत्सव की खास विशेषता थी।
इन रैलियों की शुरुआत उन स्थानों से की गई, जो बंकिम चंद्र और राष्ट्रगीत वंदे मातरम से ऐतिहासिक रूप से जुड़े हैं। मंगलवार को अखंड ज्योति को जोड़ासांको ठाकुरबाड़ी से विक्टोरिया मेमोरियल तक रैली के रूप में ले जाया गया।
कार्यक्रम के दूसरे दिन मंगलवार शाम को भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ आयोजित की गईं, जिसमें प्रसिद्ध लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने अपने मधुर गीतों और पारंपरिक धुनों से दर्शकों का मन मोह लिया। दोनों दिन की प्रस्तुतियों और रैलियों ने वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ को यादगार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर राज्यपाल और अन्य दिग्गज हस्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। आयोजन ने न केवल संगीत प्रेमियों को एक साथ लाया बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत और लोक संगीत के महत्व को भी उजागर किया।