लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से जुड़ी एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। शहर के सबसे बड़े और चर्चित शॉपिंग डेस्टिनेशन लुलु मॉल के खिलाफ इनकम टैक्स विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, लुलु मॉल से जुड़े बैंक अकाउंट को इनकम टैक्स विभाग ने सीज (फ्रीज) कर दिया है। यह कार्रवाई करीब 27 करोड़ रुपये का टैक्स जमा न किए जाने के चलते की गई है।
सूत्रों का कहना है कि लुलु मॉल प्रबंधन पर आयकर से संबंधित बड़ी रकम बकाया थी, जिसे तय समयसीमा में जमा नहीं कराया गया। इसके बाद विभाग ने नियमों के तहत यह कदम उठाया। अकाउंट सीज होने के बाद मॉल से जुड़े बड़े वित्तीय लेन-देन पर फिलहाल रोक लग गई है, जिससे मॉल प्रबंधन की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।
जानकारी के अनुसार, इनकम टैक्स विभाग की ओर से पहले लुलु मॉल प्रबंधन को कई बार नोटिस भेजे गए थे। इन नोटिसों में बकाया टैक्स राशि जमा करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, निर्धारित समय में टैक्स का भुगतान नहीं होने पर विभाग ने कड़ा रुख अपनाया और बैंक अकाउंट फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू की।
सूत्र बताते हैं कि यह पूरी कार्रवाई आयकर कानून के तहत की गई है, जिसमें बकाया कर की वसूली के लिए विभाग को अकाउंट सीज करने का अधिकार होता है। विभाग का मानना है कि इस कदम से टैक्स रिकवरी की प्रक्रिया तेज होगी।
अकाउंट सीज होने का असर लुलु मॉल की आंतरिक वित्तीय व्यवस्था पर पड़ सकता है। सूत्रों के मुताबिक, मॉल के रोजमर्रा के खर्च, वेंडर्स को भुगतान और अन्य वित्तीय लेन-देन में दिक्कत आ सकती है। हालांकि, यह अभी साफ नहीं है कि ग्राहकों के लिए मॉल की सेवाओं या दुकानों के संचालन पर तत्काल कोई प्रभाव पड़ेगा या नहीं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में इनकम टैक्स विभाग कभी-कभी जरूरी खर्चों के लिए सीमित राहत देता है, लेकिन यह पूरी तरह प्रबंधन और विभाग के बीच बातचीत पर निर्भर करता है।
फिलहाल इस पूरे मामले में लुलु मॉल प्रबंधन या इनकम टैक्स विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। सूत्रों का कहना है कि मॉल प्रबंधन जल्द ही विभाग से संपर्क कर बकाया टैक्स को लेकर समाधान निकालने की कोशिश कर सकता है। यदि टैक्स का भुगतान या किसी तरह का सेटलमेंट होता है, तो अकाउंट को डी-फ्रीज किया जा सकता है।
गौरतलब है कि लखनऊ का लुलु मॉल अपने उद्घाटन के बाद से ही लगातार सुर्खियों में रहा है। प्रदेश के सबसे बड़े मॉल्स में शामिल इस शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में रोजाना हजारों लोग खरीदारी और मनोरंजन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इनकम टैक्स की इस कार्रवाई को लेकर व्यापारिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
टैक्स मामलों के जानकारों के अनुसार, यदि लुलु मॉल प्रबंधन जल्द बकाया राशि जमा कर देता है, तो यह मामला जल्दी सुलझ सकता है। लेकिन अगर देरी होती है, तो कानूनी कार्रवाई और भी सख्त हो सकती है। इनकम टैक्स विभाग की यह कार्रवाई बड़े कॉर्पोरेट संस्थानों के लिए एक सख्त संदेश के रूप में भी देखी जा रही है कि टैक्स भुगतान में लापरवाही भारी पड़ सकती है।