मलिहाबाद शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन को लेकर जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों को मलिहाबाद तहसील क्षेत्र में खुलेआम नजरअंदाज किया जा रहा है। भीषण शीतलहर और कड़ाके की ठंड को देखते हुए जिला अधिकारी लखनऊ द्वारा स्कूलों के संचालन को लेकर जारी किए गए स्पष्ट आदेशों के बावजूद, कई निजी एवं सरकारी स्कूलों ने नियमों को ठेंगा दिखाया है।
जिला प्रशासन के आदेश थे कि ठंड और कोहरे की गंभीर स्थिति को देखते हुए स्कूलों को बंद रखा जाए अथवा उनके समय में परिवर्तन किया जाए, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। लेकिन मलिहाबाद और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित कई नामी-गिरामी स्कूल पुराने समय पर ही खुले पाए गए।
सुबह के समय घना कोहरा और गिरते तापमान के बीच छोटे-छोटे बच्चे स्कूल जाते हुए दिखाई दिए। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन बच्चों की सेहत को दरकिनार कर केवल अपनी मनमानी चला रहा है।
स्थानीय अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन द्वारा जुर्माना, अनुपस्थिति लगाने और सिलेबस छूटने का डर दिखाकर बच्चों को स्कूल बुलाया जा रहा है। उनका कहना है कि जब जिला प्रशासन ने स्पष्ट रूप से अवकाश घोषित किया है, तो स्कूल प्रशासन ऐसे आदेशों की अवहेलना कैसे कर सकता है।
सूत्रों के अनुसार, मलिहाबाद क्षेत्र के ऐसे स्कूलों की सूची जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग द्वारा तैयार की जा चुकी है। जल्द ही औचक निरीक्षण कर जांच की जाएगी। आदेशों की अवहेलना करने वाले स्कूलों पर भारी जुर्माना, नोटिस और मान्यता रद्द करने जैसी कड़ी कार्रवाई संभव है।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द निरीक्षण टीमें मैदान में उतरें और बच्चों के स्वास्थ्य के साथ हो रहे इस खिलवाड़ पर सख्ती से रोक लगाई जाए।