गोंडा। भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष और कैसरगंज से सांसद बृजभूषण शरण सिंह के जन्मदिन समारोह में इस बार उपहारों ने खासा ध्यान खींचा। जन्मदिन के मौके पर उन्हें करोड़ों रुपये कीमत के घोड़े भेंट किए गए, जिससे पूरे कार्यक्रम में चर्चा का माहौल बना रहा। खास बात यह रही कि एक ही महीने में दो अलग-अलग राज्यों से आए महंगे घोड़ों ने समारोह को सुर्खियों में ला दिया।
जानकारी के अनुसार, 15 दिसंबर को बृजभूषण शरण सिंह को पहला घोड़ा उपहार में मिला था। यह घोड़ा पंजाब से लाया गया था और इसकी कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये बताई गई थी। इसके बाद आज जन्मदिन समारोह के दौरान उन्हें दूसरा घोड़ा भेंट किया गया, जिसकी कीमत ढाई करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इस तरह कुल मिलाकर उन्हें एक ही महीने में लगभग चार करोड़ रुपये मूल्य के घोड़े उपहार स्वरूप मिले हैं।
आज भेंट किया गया घोड़ा हरियाणा के रविंद्रपाल और उनकी पत्नी द्वारा दिया गया। मंच से बृजभूषण शरण सिंह ने पति-पत्नी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें घोड़ों से विशेष लगाव रहा है और ऐसे उपहार उनके लिए सम्मान की बात हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह उपहार केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि परंपरा और खेल संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रतीक है।
बताया जा रहा है कि हरियाणा से आया यह घोड़ा सात साल का है और अब तक सात रेसों में जीत दर्ज कर चुका है। रेसिंग करियर में इस घोड़े ने लगभग 22 लाख रुपये की इनामी राशि जीती है। जानकारों के मुताबिक, इसकी नस्ल, प्रशिक्षण और रेस रिकॉर्ड के कारण इसकी कीमत काफी अधिक आंकी गई है। घोड़ा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के घोड़े न सिर्फ रेसिंग बल्कि ब्रीडिंग के लिहाज से भी बेहद कीमती माने जाते हैं।
बृजभूषण शरण सिंह लंबे समय से घोड़ों के शौकीन रहे हैं। उनके पास पहले से ही कई उम्दा नस्ल के घोड़े मौजूद हैं और देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग उन्हें घोड़े भेंट करते रहे हैं। जन्मदिन के मौके पर लगातार दूसरे घोड़े की भेंट को लेकर कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच गिफ्ट देने की होड़ की भी चर्चा होती रही।
हालांकि, करोड़ों रुपये के उपहारों को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी सवाल उठने लगे हैं। कुछ लोग इसे शौक और सम्मान से जोड़कर देख रहे हैं, तो कुछ इसे दिखावे और ताकत के प्रदर्शन के रूप में भी देख रहे हैं। बावजूद इसके, समारोह में मौजूद समर्थकों और शुभचिंतकों ने इसे बृजभूषण शरण सिंह की लोकप्रियता और प्रभाव का प्रतीक बताया।
गोंडा में आयोजित जन्मदिन समारोह में बड़ी संख्या में समर्थक, स्थानीय नेता और गणमान्य लोग मौजूद रहे। महंगे उपहारों, खासकर करोड़ों के घोड़ों ने इस आयोजन को सामान्य जन्मदिन समारोह से अलग पहचान दिला दी। आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं का विषय बना रह सकता है।