लखनऊ के मड़ियाव थाना क्षेत्र में बुधवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब नौबस्ता इलाके में राह चलते तीन युवकों पर घात लगाकर जानलेवा हमला कर दिया गया। एक दर्जन से अधिक हमलावरों ने युवकों को घेरकर ईंट-पत्थरों से हमला किया, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसके दो साथी किसी तरह जान बचाकर मौके से भाग सके। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोग पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
घायल युवक को परिजन और स्थानीय लोगों की मदद से पहले ठाकुरगंज स्थित टीवी हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए बलरामपुर हॉस्पिटल रेफर कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार युवक के सिर, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। फिलहाल वह अस्पताल में भर्ती है और उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
पीड़ित युवक ने बताया कि हमलावर पहले से घात लगाए बैठे थे। जैसे ही वह सड़क से गुजर रहा था, अचानक उसे रोक लिया गया और बिना कुछ कहे-सुने ईंट-पत्थरों से हमला शुरू कर दिया गया। लगातार हमले से वह सड़क पर गिर पड़ा और बेहोश हो गया। हमलावरों की संख्या अधिक होने के कारण आसपास मौजूद लोग भी मदद के लिए आगे नहीं आ सके।
घटना के संबंध में घायल के साथी देश दीपक बाजपेयी ने बताया कि वह अपने दो दोस्तों के साथ रोल खाकर घर लौट रहा था। तभी रास्ते में एक दर्जन से अधिक युवकों ने उन्हें घेर लिया और हमला कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई वर्ष पहले क्रिकेट मैच के दौरान हुए विवाद को लेकर हमलावर रंजिश मान रहे थे और उसी का बदला लेने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया गया।
पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि घटना की तहरीर देने के बाद भी उन्हें धमकियां मिल रही हैं। उनका कहना है कि थाने में शिकायत दर्ज कराने के बाद हमलावरों की ओर से जान से मारने की धमकी दी जा रही है, जिससे पीड़ित परिवार और अधिक भयभीत है।
इस मामले में मड़ियाव पुलिस का कहना है कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भिजवाया गया। पीड़ित की तहरीर के आधार पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
पीड़ित पक्ष ने इस हमले के लिए शुभम मिश्रा उर्फ लेफ्टी पुत्र राम किशोर मिश्रा, आयुष सिंह पुत्र गुड्डू सिंह और दीपक बंसल सहित उनके अन्य साथियों को नामजद किया है। हालांकि खबर लिखे जाने तक पुलिस किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी थी।
घटना के बाद नौबस्ता और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की धीमी कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द सख्त कदम नहीं उठाए गए तो क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति और बिगड़ सकती है।